दुर्मद-कुरण्ड-वधः (The Slaying of Durmada and Kuraṇḍa) — Lalitopākhyāna Battle Continuation
स्वप्ने ऽपि यन्न संभाव्यं यन्न श्रुतमितः पुरा / यच्च नो शङ्कितं चित्ते तदेतत्कष्टमागतम्
svapne 'pi yanna saṃbhāvyaṃ yanna śrutamitaḥ purā / yacca no śaṅkitaṃ citte tadetatkaṣṭamāgatam
जो स्वप्न में भी संभव न था, जो पहले कभी सुना न गया, और जिसका हमारे चित्त में भी संदेह न था—वही यह भारी संकट आ पहुँचा है।