दुर्मद-कुरण्ड-वधः (The Slaying of Durmada and Kuraṇḍa) — Lalitopākhyāna Battle Continuation
इति श्रीब्रह्माण्डमहापुराणे उत्तरभागे हयग्रीवागस्त्यसंवादे ललितोपाख्याने दुर्मदकुरण्डवधो नाम द्वाविंशो ऽध्यायः अथाश्वरूढया क्षिप्ते कुरण्डे भण्डदानवः / कुटिलाक्षमिदं प्रोचे पुनरेव युयुत्सया
iti śrībrahmāṇḍamahāpurāṇe uttarabhāge hayagrīvāgastyasaṃvāde lalitopākhyāne durmadakuraṇḍavadho nāma dvāviṃśo 'dhyāyaḥ athāśvarūḍhayā kṣipte kuraṇḍe bhaṇḍadānavaḥ / kuṭilākṣamidaṃ proce punareva yuyutsayā
इस प्रकार श्रीब्रह्माण्डमहापुराण के उत्तरभाग में हयग्रीव–अगस्त्य संवाद के ललितोपाख्यान में ‘दुर्मद-कुरण्ड-वध’ नामक बाईसवाँ अध्याय। फिर अश्वारूढ़ा द्वारा कुरण्ड के फेंके जाने पर भण्ड दानव ने कुटिलाक्ष से युद्ध की इच्छा से यह कहा।