Bhaṇḍāsurāhaṅkāra
The Mustering of the Daitya Forces and the Roar of War
उत्तरे तु पुरद्वारे तालकेतुं महा बलम् / आदिदेश स रक्षार्थं दशाक्षौहिणिकायुतम्
uttare tu puradvāre tālaketuṃ mahā balam / ādideśa sa rakṣārthaṃ daśākṣauhiṇikāyutam
फिर नगर के उत्तर द्वार पर उसने अत्यन्त बलवान ‘तालकेतु’ को रक्षा हेतु दस अक्षौहिणी सेना सहित आज्ञा देकर नियुक्त किया।