श्रीचक्रराजरथ—पर्वस्थदेवतानाम् प्रकाशनम्
Revelation of the Deities Stationed on the Śrīcakra-Rāja-Ratha’s Sections
एवं हि दण्डनाथायाः किरिचक्रस्य देवताः / जृंभिण्याद्यचलेन्द्रान्ताः प्रोक्तास्त्रैलोक्यपावनाः
evaṃ hi daṇḍanāthāyāḥ kiricakrasya devatāḥ / jṛṃbhiṇyādyacalendrāntāḥ proktāstrailokyapāvanāḥ
इस प्रकार दण्डनाथा के किरिचक्र की देवताएँ—जृंभिणी से लेकर अचलेंद्र तक—त्रैलोक्य को पावन करने वाली कही गई हैं।