श्रीचक्रराजरथ—पर्वस्थदेवतानाम् प्रकाशनम्
Revelation of the Deities Stationed on the Śrīcakra-Rāja-Ratha’s Sections
अतितीक्ष्णकरालाक्ष्यो ज्वालाभिर्दैत्यसैनिकान् / दहन्त्य इव निःशङ्कं सेवन्ते सूकराननाम्
atitīkṣṇakarālākṣyo jvālābhirdaityasainikān / dahantya iva niḥśaṅkaṃ sevante sūkarānanām
अत्यन्त तीक्ष्ण और भयानक नेत्रों वाली वे ज्वालाओं से दैत्य-सैनिकों को मानो जला देती हैं; और निःशंक होकर सूकरानना देवी की सेवा करती हैं।