ललितापरमेश्वरी-सेनाजय-यात्रा
Lalitā Parameśvarī’s Army-March for Victory
मन्त्रिनाथा महाचक्रे गीतिं चक्रे रथोत्तमे / सप्तपर्वाणि चोक्तानि तत्र देव्याश्च ताः शृणु
mantrināthā mahācakre gītiṃ cakre rathottame / saptaparvāṇi coktāni tatra devyāśca tāḥ śṛṇu
मन्त्रिनाथा ने उस श्रेष्ठ रथ के महाचक्र में गीति की रचना की; वहाँ देवी के सात पर्व कहे गए हैं—उन्हें सुनो।