ललितापरमेश्वरी-सेनाजय-यात्रा
Lalitā Parameśvarī’s Army-March for Victory
सायन्तनज्वलद्दीपप्रख्यचक्ररथस्य तु / सप्तमे पर्वणि कृतावासा गुप्ततराभिधाः
sāyantanajvaladdīpaprakhyacakrarathasya tu / saptame parvaṇi kṛtāvāsā guptatarābhidhāḥ
सायंकाल के जलते दीप के समान दीप्त चक्र-रथ के; सातवें पर्व में निवास करने वाली वे ‘गुप्ततरा’ नाम से अभिहित हुईं।