Daṇḍanātha-Śyāmalā Senāyātrā (The Marshal Śyāmalā’s Military Procession) / दण्डनाथश्यामला सेनायात्रा
त्रैलोक्यगर्भपरिपूरितशक्तिचक्रसाम्राज्यसंपदभिमानमभिस्पृशन्ती / आबद्धभक्तिविपुलाञ्जलिशेखराणामारादहंप्रथमिका कृतसेवनानाम्
trailokyagarbhaparipūritaśakticakrasāmrājyasaṃpadabhimānamabhispṛśantī / ābaddhabhaktivipulāñjaliśekharāṇāmārādahaṃprathamikā kṛtasevanānām
वह त्रैलोक्य के गर्भ को परिपूर्ण करने वाले शक्ति-चक्र और साम्राज्य-सम्पदा के अभिमान को स्पर्श करती हुई, बँधी हुई भक्ति से विशाल अंजलि को शिर पर धारण करने वाले सेवकों के निकट ‘मैं ही प्रथम’ के समान प्रतीत होती थी।