मदनकामेश्वरप्रादुर्भावः
Manifestation of Madana-Kāmeśvara
यः प्रातरुत्थितो विद्वान्भक्तिश्रद्धासमन्वितः / जपेद्धनसमृद्धः स्यात्सुधासंमितवाग्भवेत्
yaḥ prātarutthito vidvānbhaktiśraddhāsamanvitaḥ / japeddhanasamṛddhaḥ syātsudhāsaṃmitavāgbhavet
जो विद्वान् प्रातः उठकर भक्ति और श्रद्धा सहित जप करता है, वह धन-समृद्धि पाता है और उसकी वाणी अमृत-सी मधुर होती है।