मदनकामेश्वरप्रादुर्भावः
Manifestation of Madana-Kāmeśvara
अमङ्गलानि शून्यानि समृद्धार्थानि संत्वतः / एवं विज्ञापिता देवी नारदेनाखिलेश्वरी / स्वस्ववासनिवासाय प्रेषयामास चामरान्
amaṅgalāni śūnyāni samṛddhārthāni saṃtvataḥ / evaṃ vijñāpitā devī nāradenākhileśvarī / svasvavāsanivāsāya preṣayāmāsa cāmarān
तुम्हारे रहते अमंगल शून्य हो जाते हैं और सब प्रयोजन समृद्ध होते हैं। नारद द्वारा इस प्रकार निवेदित होने पर अखिलेश्वरी देवी ने चामरों को उनके-अपने निवास-स्थानों के लिए भेज दिया।