मदनकामेश्वरप्रादुर्भावः
Manifestation of Madana-Kāmeśvara
एवं तद्वत्सला देवी नान्यत्रैत्यखिलाज्जनात् / तोषयामास सततमनुरागेण भूयसा
evaṃ tadvatsalā devī nānyatraityakhilājjanāt / toṣayāmāsa satatamanurāgeṇa bhūyasā
इस प्रकार उस जन-समुदाय पर स्नेह करने वाली देवी, समस्त लोगों को छोड़कर कहीं और न जाकर, अधिक अनुराग से निरन्तर उन्हें प्रसन्न करती रही।