मदनकामेश्वरप्रादुर्भावः
Manifestation of Madana-Kāmeśvara
ययौ वीथीं विहारेशा शोभयन्ती निजौजसा / प्रतिहर्म्याग्रसंस्थाभिरप्सरोभिः सहस्रशः
yayau vīthīṃ vihāreśā śobhayantī nijaujasā / pratiharmyāgrasaṃsthābhirapsarobhiḥ sahasraśaḥ
विहार की अधिष्ठात्री वह अपने तेज से मार्ग को शोभित करती हुई, प्रासादों के अग्रभागों पर स्थित सहस्रों अप्सराओं के साथ चली।