Bhaṇḍāsuraprādurbhāva
Rise and Consecration of Bhaṇḍāsura
यदि तुष्टा जगद्धात्री तस्यैव विजयो भवेत् / इमां मायामयीं त्यक्त्वा मन्त्रिभिः सहितो भवान् / गत्वा हैमवतं शैलं परेषां विघ्नमाचर
yadi tuṣṭā jagaddhātrī tasyaiva vijayo bhavet / imāṃ māyāmayīṃ tyaktvā mantribhiḥ sahito bhavān / gatvā haimavataṃ śailaṃ pareṣāṃ vighnamācara
यदि जगद्धात्री देवी प्रसन्न हो जाएँ तो उसी की विजय होगी। इसलिए इस मायामयी स्थिति को छोड़कर, मंत्रियों सहित तुम हिमालय पर्वत पर जाकर शत्रुओं में विघ्न उत्पन्न करो।