Vaṃśānuvārṇana and the Transition to the Fourth (Upasaṃhāra) Pada
एकमेकार्णवे तस्मिन्नष्टे स्थावरजङ्गमे / तदा स भवति ब्रह्मा सहस्राक्षः सहस्रपात्
ekamekārṇave tasminnaṣṭe sthāvarajaṅgame / tadā sa bhavati brahmā sahasrākṣaḥ sahasrapāt
जब उस एकार्णव में स्थावर और जङ्गम सब नष्ट हो जाते हैं, तब वही ब्रह्मा सहस्र नेत्रों और सहस्र चरणों वाला हो जाता है।