Mānasasṛṣṭi-varṇana (Account of Mind-born Creation) | मानससृष्टिवर्णनम्
शतरुद्रे समाम्नाता भविष्यन्तीह यज्ञियाः / यज्ञभाजो भविष्यन्ति सर्वे देवगणैः सह
śatarudre samāmnātā bhaviṣyantīha yajñiyāḥ / yajñabhājo bhaviṣyanti sarve devagaṇaiḥ saha
शतरुद्र में जिनका विधान किया गया है, वे यहाँ यज्ञ के योग्य होंगे; वे सब देवगणों के साथ यज्ञ के भागी बनेंगे।