Mānasasṛṣṭi-varṇana (Account of Mind-born Creation) | मानससृष्टिवर्णनम्
मृत्योर्व्याधिर्जराशोकक्रोधासूया विजज्ञिरे / दुःखोत्तराः स्मृता ह्येते सर्वे चाधर्मलक्षणाः
mṛtyorvyādhirjarāśokakrodhāsūyā vijajñire / duḥkhottarāḥ smṛtā hyete sarve cādharmalakṣaṇāḥ
मृत्यु से रोग, जरा, शोक, क्रोध और असूया उत्पन्न हुए; ये सब दुःख को बढ़ाने वाले और अधर्म के लक्षण माने गए हैं।