Mānasasṛṣṭi-varṇana (Account of Mind-born Creation) | मानससृष्टिवर्णनम्
लज्जाया विनयः पुत्रो व्यवसायो वसोः सुतः / क्षेमः शान्तेः सुतश्चापि सुखं सिद्धेर्व्यजायत
lajjāyā vinayaḥ putro vyavasāyo vasoḥ sutaḥ / kṣemaḥ śānteḥ sutaścāpi sukhaṃ siddhervyajāyata
लज्जा का पुत्र ‘विनय’ है; और वसु का पुत्र ‘व्यवसाय’ है। शान्ति का पुत्र ‘क्षेम’ भी है; और सिद्धि से ‘सुख’ उत्पन्न हुआ।