Mānasasṛṣṭi-varṇana (Account of Mind-born Creation) | मानससृष्टिवर्णनम्
अर्धेन नारी सा तस्य शतरूपा व्यजायत / प्रकृतिर्भूतधात्री सा कामाद्वै सृजतः प्रभोः
ardhena nārī sā tasya śatarūpā vyajāyata / prakṛtirbhūtadhātrī sā kāmādvai sṛjataḥ prabhoḥ
उसके आधे अंश से वह नारी शतरूपा उत्पन्न हुई। सृष्टि करने वाले प्रभु की इच्छा से वही प्रकृति, भूतों की धात्री, प्रकट हुई।