Mānasasṛṣṭi-varṇana (Account of Mind-born Creation) | मानससृष्टिवर्णनम्
द्वादशैते प्रसूयन्ते प्रजाः कल्पे पुनः पुनः / तेषां द्वादश ते वंशा दिव्या देवगुणान्विताः
dvādaśaite prasūyante prajāḥ kalpe punaḥ punaḥ / teṣāṃ dvādaśa te vaṃśā divyā devaguṇānvitāḥ
ये बारह, कल्प-कल्प में बार-बार प्रजाओं को उत्पन्न करते हैं। उनके भी बारह दिव्य वंश हैं, जो देव-गुणों से युक्त हैं।