Mānasasṛṣṭi-varṇana (Account of Mind-born Creation) | मानससृष्टिवर्णनम्
एवं प्रीतात्मनस्तस्य स्वदेहार्द्धाद्विनिःसृता / नारी परमकल्याणी सर्वभूतमनोहरा
evaṃ prītātmanastasya svadehārddhādviniḥsṛtā / nārī paramakalyāṇī sarvabhūtamanoharā
इस प्रकार प्रसन्नचित्त उस भगवान् के अपने शरीर के आधे भाग से एक परम कल्याणी, समस्त प्राणियों का मन हरने वाली नारी प्रकट हुई।