Varāha-uddhāraṇa and the Re-constitution of Bhū-maṇḍala
Earth after Pralaya
तस्मिन् क्षीणे कृतांशे वै तासु शिष्टासु सप्तसु / कल्पादौ संप्रवृत्तायास्त्रेतायाः प्रसुखे तदा
tasmin kṣīṇe kṛtāṃśe vai tāsu śiṣṭāsu saptasu / kalpādau saṃpravṛttāyāstretāyāḥ prasukhe tadā
जब कृतयुग का अंश क्षीण हो गया और उन सात (अवशिष्ट अवस्थाओं) में शेष रह गया, तब कल्प के आरंभ में प्रवृत्त हुई त्रेता का समय सुखद था।