Lokakalpanā / The Ordering of the Worlds
Cosmogony and Earth’s Retrieval
तिर्यक् स्रोतस उच्यन्ते वश्यात्मानस्त्रिसंज्ञकाः
tiryak srotasa ucyante vaśyātmānastrisaṃjñakāḥ
वे ‘तिर्यक्-स्रोतस्’ कहलाते हैं; वे वश में रहने वाले स्वभाव के हैं और ‘त्रि’ नाम से अभिहित हैं।