Lokakalpanā / The Ordering of the Worlds
Cosmogony and Earth’s Retrieval
तमोबहुत्वात्ते सर्वे ह्यज्ञानबहुलाः स्मृताः / उत्पाद्यग्राहिमश्चैव ते ऽज्ञाने ज्ञानमानिनः
tamobahutvātte sarve hyajñānabahulāḥ smṛtāḥ / utpādyagrāhimaścaiva te 'jñāne jñānamāninaḥ
तम की अधिकता के कारण वे सब अज्ञान से भरे हुए माने गए हैं; वे उत्पन्न कर के पकड़ लेने वाले हैं और अज्ञान में ही अपने को ज्ञानी मानते हैं।