Lokakalpanā / The Ordering of the Worlds
Cosmogony and Earth’s Retrieval
ते सप्त रश्मयो भूत्वा एकैको जायते रविः / क्रमेण शतमानास्ते त्रींल्लोकान्प्रदहन्त्युत
te sapta raśmayo bhūtvā ekaiko jāyate raviḥ / krameṇa śatamānāste trīṃllokānpradahantyuta
वे सात किरणें होकर, एक-एक करके सूर्य उत्पन्न होता है; और वे क्रम से शत-शत होकर तीनों लोकों को भी दग्ध कर देती हैं।