Pṛthivī-dohaṇa (The Milking of the Earth) and the Praise of King Pṛthu
ददौ स दश धर्माय कश्यपाय त्रयां दश / कालस्य नयने युक्ताः सप्तविंशतिमिन्दवे
dadau sa daśa dharmāya kaśyapāya trayāṃ daśa / kālasya nayane yuktāḥ saptaviṃśatimindave
उसने धर्म को दस कन्याएँ और कश्यप को तेरह दीं; काल के नेत्र समान, सत्ताईस कन्याएँ इन्दु (चन्द्र) को प्रदान कीं।