Pṛthivī-dohaṇa (The Milking of the Earth) and the Praise of King Pṛthu
दुग्धा मही पुराणेन वत्सं चारिष्टवं प्रति / चाक्षुषे चापि संप्राप्ते तदा मन्वन्तरे पुनः
dugdhā mahī purāṇena vatsaṃ cāriṣṭavaṃ prati / cākṣuṣe cāpi saṃprāpte tadā manvantare punaḥ
पुराण ने चारिष्टव को बछड़ा बनाकर पृथ्वी का दोहन किया; और चाक्षुष मन्वंतर के आने पर, तब फिर उसी मन्वंतर में भी।