व्यासशिष्योत्पत्तिवर्णन (Origins/Enumeration of Vyāsa’s Disciplic Succession) — Chapter on Vedic Transmission Lineages
कबन्धाय पुनः कृष्णं स च विद्वान्यथाश्रुतम् / कबन्धस्तु द्विधा कृत्वा पथ्यायैकं पुनर्ददौ
kabandhāya punaḥ kṛṣṇaṃ sa ca vidvānyathāśrutam / kabandhastu dvidhā kṛtvā pathyāyaikaṃ punardadau
फिर कबन्ध को कृष्ण (अथर्व) दिया गया; वह विद्वान् ने जैसा सुना था वैसा ही (रखा)। कबन्ध ने उसे दो भाग कर एक भाग पथ्य को फिर दे दिया।