व्यासशिष्योत्पत्तिवर्णन (Origins/Enumeration of Vyāsa’s Disciplic Succession) — Chapter on Vedic Transmission Lineages
सूत उवाच कार्यमासीदृषीणां च किञ्चिद्ब्राह्मणसत्तमाः / मेरुपृष्ठं समासाद्य तैस्तदा त्विति मन्त्रितम्
sūta uvāca kāryamāsīdṛṣīṇāṃ ca kiñcidbrāhmaṇasattamāḥ / merupṛṣṭhaṃ samāsādya taistadā tviti mantritam
सूत ने कहा—हे श्रेष्ठ ब्राह्मणो! ऋषियों का एक कार्य था। वे मेरु-पर्वत की पीठ पर पहुँचकर तब आपस में ‘तू-तू’ कहकर परामर्श करने लगे।