व्यासशिष्योत्पत्तिवर्णन (Origins/Enumeration of Vyāsa’s Disciplic Succession) — Chapter on Vedic Transmission Lineages
अग्राम्यैर्वर्त्तयन्ति स्म रसैश्चैव स्वयङ्कृतैः / कुटुंबिनो बुद्धिमन्तो वनान्तरनिवासिनः
agrāmyairvarttayanti sma rasaiścaiva svayaṅkṛtaiḥ / kuṭuṃbino buddhimanto vanāntaranivāsinaḥ
वे ग्राम्य भोगों से रहित, स्वयं बनाए हुए सरल रसों पर जीवन चलाते थे। वे कुटुम्बी, बुद्धिमान और वन के भीतर निवास करने वाले थे।