व्यासशिष्योत्पत्तिवर्णन (Origins/Enumeration of Vyāsa’s Disciplic Succession) — Chapter on Vedic Transmission Lineages
दीर्घायुषो मन्त्रकृत ईश्वराद्दिव्यचक्षुषः / बुद्धाः प्रत्यक्ष धर्माणो गोत्रप्रावर्त्तकाश्च ते
dīrghāyuṣo mantrakṛta īśvarāddivyacakṣuṣaḥ / buddhāḥ pratyakṣa dharmāṇo gotraprāvarttakāśca te
वे दीर्घायु थे, मन्त्रबल से सिद्ध थे, ईश्वरकृपा से दिव्यदृष्टि वाले। वे प्रबुद्ध थे, धर्म को प्रत्यक्ष जानने वाले और गोत्र-परम्परा के प्रवर्तक भी थे।