चतुर्युगाख्यान (Caturyuga-Ākhyāna) — Yuga-wise Origins and Measurements of Beings
कालेन प्रापणीयेन भेदास्तु करणात्मकाः / संसिध्यन्ति तदा व्यक्ताः क्रमेण महदादयः
kālena prāpaṇīyena bhedāstu karaṇātmakāḥ / saṃsidhyanti tadā vyaktāḥ krameṇa mahadādayaḥ
प्राप्य काल के द्वारा करणात्मक भेद उत्पन्न होते हैं; तब महत् आदि तत्त्व क्रमशः व्यक्त होकर सिद्ध होने लगते हैं।