चतुर्युगाख्यान (Caturyuga-Ākhyāna) — Yuga-wise Origins and Measurements of Beings
मन्वन्तरेषु सर्वेषु शिष्टाचारस्ततः स्मृतः / विज्ञेयः श्रवणाच्छ्रौतः स्मरणात्स्मार्त्त उच्यते
manvantareṣu sarveṣu śiṣṭācārastataḥ smṛtaḥ / vijñeyaḥ śravaṇācchrautaḥ smaraṇātsmārtta ucyate
सभी मन्वन्तरों में शिष्टाचार इसी प्रकार स्मृत है। जो श्रवण से जाना जाए वह ‘श्रौत’ है, और जो स्मरण से (स्मृति-आधारित) हो वह ‘स्मार्त’ कहलाता है।