चतुर्युगाख्यान (Caturyuga-Ākhyāna) — Yuga-wise Origins and Measurements of Beings
विद्यायाः साधनात्साधुर्ब्रह्मचारी गुरोर्हितः / गृहाणां साधनाच्चैव गृहस्थः साधुरुच्यते
vidyāyāḥ sādhanātsādhurbrahmacārī gurorhitaḥ / gṛhāṇāṃ sādhanāccaiva gṛhasthaḥ sādhurucyate
विद्या की साधना से, गुरु के हित में रहने वाला ब्रह्मचारी ‘साधु’ है; और गृह के साधन से गृहस्थ भी ‘साधु’ कहा जाता है।