चतुर्युगाख्यान (Caturyuga-Ākhyāna) — Yuga-wise Origins and Measurements of Beings
कर्मणैतेन विज्ञेये ह्रासवृद्धी युगे युगे / षट्सप्तत्यङ्गुलोत्सेधः पशूनां ककुदस्तु वै
karmaṇaitena vijñeye hrāsavṛddhī yuge yuge / ṣaṭsaptatyaṅgulotsedhaḥ paśūnāṃ kakudastu vai
इसी कर्म-मान से युग-युग में ह्रास और वृद्धि जानी जाती है; पशुओं का ककुद (कूबड़) निश्चय ही छिहत्तर अँगुल ऊँचा कहा गया है।