Saṃkhyāvarta (संख्यावर्त्त): Commencement of Yajña at the Dawn of Tretāyuga
इत्युक्तमात्रे नृपतिः प्रविवेश रसातलम् / ऊर्ध्वचारी वसुर्भूत्वा रसातलचरो ऽभवत्
ityuktamātre nṛpatiḥ praviveśa rasātalam / ūrdhvacārī vasurbhūtvā rasātalacaro 'bhavat
इतना कहे जाते ही वह नृपति रसातल में प्रविष्ट हो गया; ऊर्ध्वचारी वसु बनकर वह रसातल का निवासी हो गया।