Yuga-Vibhāga and Kāla-Pramāṇa
Measures of Time and the Four Yugas
लौकिकेन प्रमाणेन निष्पाद्याब्दं तु मानुषम् / तेनाब्देन प्रसंख्यायै वक्ष्यामीह वतुर्युगम् / निमेषकाल तुल्यं हि विद्याल्लघ्वक्षरं च यत्
laukikena pramāṇena niṣpādyābdaṃ tu mānuṣam / tenābdena prasaṃkhyāyai vakṣyāmīha vaturyugam / nimeṣakāla tulyaṃ hi vidyāllaghvakṣaraṃ ca yat
लौकिक प्रमाण से मनुष्यों का एक वर्ष निश्चित करके, उसी वर्ष-मान से गणना कर यहाँ मैं चतुर्युग का वर्णन करूँगा; और जो ‘लघ्वक्षर’ है, उसे निमेष-काल के तुल्य जानो।