Yuga-Vibhāga and Kāla-Pramāṇa
Measures of Time and the Four Yugas
सूत उवाच पृथिव्यादिप्रसंगेन यन्मया प्रागुदीरितम् / तेषां चतुर्युगं ह्येतत्तद्वक्ष्यामि निबोधत
sūta uvāca pṛthivyādiprasaṃgena yanmayā prāgudīritam / teṣāṃ caturyugaṃ hyetattadvakṣyāmi nibodhata
सूत बोले—पृथ्वी आदि के प्रसंग में जो मैंने पहले कहा था, उन्हीं का यह चतुर्युग-वर्णन है; अब मैं उसे बताता हूँ, ध्यान से सुनो।