Amāvasyā-Pitṛtarpaṇa: Purūravas and the Soma-Based Ancestral Offering (अमावस्या-पितृतर्पण / सोमतर्पण-विधि)
तत्तत्कुमारः प्रोवाच पश्यन्दिव्येन चक्षुषा / गतागतज्ञः प्रेतानां प्राप्तिं श्राद्धस्य तैः सह
tattatkumāraḥ provāca paśyandivyena cakṣuṣā / gatāgatajñaḥ pretānāṃ prāptiṃ śrāddhasya taiḥ saha
उस-उस कुमार ने दिव्य दृष्टि से देखते हुए कहा—वह प्रेतों के गमन-आगमन को जानने वाला था, और उनके साथ श्राद्ध की प्राप्ति को भी।