Amāvasyā-Pitṛtarpaṇa: Purūravas and the Soma-Based Ancestral Offering (अमावस्या-पितृतर्पण / सोमतर्पण-विधि)
ऐलः पुरूरवा विद्वान्मासश्राद्धचिकीर्षया / उपास्ते पितृमन्तं तं सोमं दिवि समास्थितः
ailaḥ purūravā vidvānmāsaśrāddhacikīrṣayā / upāste pitṛmantaṃ taṃ somaṃ divi samāsthitaḥ
ऐल पुरूरवा, जो विद्वान था, मासिक श्राद्ध करने की इच्छा से, स्वर्ग में स्थित पितृसम्बद्ध उस सोम की उपासना करता है।