Amāvasyā-Pitṛtarpaṇa: Purūravas and the Soma-Based Ancestral Offering (अमावस्या-पितृतर्पण / सोमतर्पण-विधि)
द्वौ द्वौ लवावमावास्या स कालः पर्वसंधिषु / द्व्यक्षर कुहुमात्रश्च पर्वकालास्त्रयः स्मृताः
dvau dvau lavāvamāvāsyā sa kālaḥ parvasaṃdhiṣu / dvyakṣara kuhumātraśca parvakālāstrayaḥ smṛtāḥ
अमावस्या में दो-दो लव का जो समय पर्व-संधियों में होता है; ‘द्व्यक्षर’ और केवल ‘कुहू-मात्र’—ये तीन पर्व-काल स्मृत माने गए हैं।