Āditya-vyūha-kīrtana
Praise/Account of the Solar Array and Celestial Motions
राज्ञी राज्याभिषिक्तेव पुनर्यौंवनमश्नुते / तेष्वियं प्रावृडासक्ता भूतानां जीवितोद्भवा
rājñī rājyābhiṣikteva punaryauṃvanamaśnute / teṣviyaṃ prāvṛḍāsaktā bhūtānāṃ jīvitodbhavā
जैसे राज्याभिषेक से अभिषिक्त रानी फिर से यौवन प्राप्त करती है, वैसे ही इन मेघों में आसक्त यह प्रावृट् समस्त भूतों के जीवन का उद्गम है।