अधोलोकवर्णनम् (Adholoka-varṇana) — Description of the Lower Worlds and Cosmographic Measures
एवं चतुर्षु पार्श्वेषु दक्षिणां तेन सर्पति / उदयास्तमने चासावृत्ति ष्ठति पुनः पुनः
evaṃ caturṣu pārśveṣu dakṣiṇāṃ tena sarpati / udayāstamane cāsāvṛtti ṣṭhati punaḥ punaḥ
इस प्रकार वह चारों ओर दक्षिणावर्त चलता है। उदय और अस्त के द्वारा वह बार-बार अपनी आवृत्ति (परिक्रमा) करता रहता है।