अधोलोकवर्णनम् (Adholoka-varṇana) — Description of the Lower Worlds and Cosmographic Measures
एतद्विष्णुपदं दिव्यं तृतीयं व्योम्नि भास्वरम् / यत्र गत्वा न शोचन्ति तद्विष्णोः परमं पदम् / धर्मध्रुवाद्यास्तिष्ठन्ति यत्र ते लोकसाधकाः
etadviṣṇupadaṃ divyaṃ tṛtīyaṃ vyomni bhāsvaram / yatra gatvā na śocanti tadviṣṇoḥ paramaṃ padam / dharmadhruvādyāstiṣṭhanti yatra te lokasādhakāḥ
यह विष्णुपद दिव्य है—आकाश में तृतीय, तेजस्वी; जहाँ जाकर कोई शोक नहीं करता, वही विष्णु का परम पद है। जहाँ धर्म, ध्रुव आदि लोक-कल्याणकारी स्थित रहते हैं।