अधोलोकवर्णनम् (Adholoka-varṇana) — Description of the Lower Worlds and Cosmographic Measures
त्रिंशच्छतं भवेत्पूर्णं पर्वणां तु रवेर्युगे / शतान्यष्टादश त्रिंशदुदयाद्भास्करस्य च
triṃśacchataṃ bhavetpūrṇaṃ parvaṇāṃ tu raveryuge / śatānyaṣṭādaśa triṃśadudayādbhāskarasya ca
रवि के युग में पर्वों की पूर्ण संख्या तीन सौ तीस होती है। और भास्कर के उदय से अठारह सौ तीस (उदय) माने गए हैं।