प्लक्षद्वीपवर्णनम्
Description of Plakṣa-dvīpa
ताः पिबन्ति सदा हृष्टा नदीर्जनपदास्तु ते / शांशपायनविस्तीर्णो द्वीपो ऽसौ चक्रसंस्थितः
tāḥ pibanti sadā hṛṣṭā nadīrjanapadāstu te / śāṃśapāyanavistīrṇo dvīpo 'sau cakrasaṃsthitaḥ
वे जनपद सदा हर्षित होकर उन नदियों का जल पीते हैं; वह द्वीप शांशपायन के विस्तार-सा फैला हुआ और चक्राकार स्थित है।