प्लक्षद्वीपवर्णनम्
Description of Plakṣa-dvīpa
अधिष्ठितं भगवता यस्य सर्वमिदं जगत् / एवंभूतगणाः सप्त सन्निविष्टाः परस्परम्
adhiṣṭhitaṃ bhagavatā yasya sarvamidaṃ jagat / evaṃbhūtagaṇāḥ sapta sanniviṣṭāḥ parasparam
जिस भगवान् के अधिष्ठान से यह समस्त जगत् स्थित है, ऐसे सात समूह परस्पर एक-दूसरे में व्यवस्थित हैं।