प्लक्षद्वीपवर्णनम्
Description of Plakṣa-dvīpa
तमसोंते च विश्यातमाकाशान्ते ह्यभास्वरम् / मर्यादायामनन्तस्य देवस्यायतनं महत्
tamasoṃte ca viśyātamākāśānte hyabhāsvaram / maryādāyāmanantasya devasyāyatanaṃ mahat
तम के अंत में, और आकाश की सीमा पर, वह अभास्वर स्थित है; वहीं अनन्त देव की मर्यादा में उसका महान् आयतन है।