प्लक्षद्वीपवर्णनम्
Description of Plakṣa-dvīpa
समन्ताद्धनवातेन धार्यमाणः स तिष्ठति / घनवातं तथाकाशो दधानः खलु तिष्ठति
samantāddhanavātena dhāryamāṇaḥ sa tiṣṭhati / ghanavātaṃ tathākāśo dadhānaḥ khalu tiṣṭhati
वह चारों ओर घने वायु से धारण होकर स्थित है; और उस घने वायु को धारण करता हुआ आकाश भी निश्चय ही स्थित रहता है।