प्लक्षद्वीपवर्णनम्
Description of Plakṣa-dvīpa
क्षयवृद्धत्वमुदधेः सोमवृद्धिक्षयात्पुनः / दशोत्तराणि पञ्चैव ह्यङ्गुलानि शतानि च
kṣayavṛddhatvamudadheḥ somavṛddhikṣayātpunaḥ / daśottarāṇi pañcaiva hyaṅgulāni śatāni ca
चन्द्रमा की वृद्धि और क्षय के कारण समुद्र में भी घटाव‑बढ़ाव होता है; वह पाँच सौ और दस अधिक अंगुलों तक माना गया है।