प्लक्षद्वीपवर्णनम्
Description of Plakṣa-dvīpa
उखास्थमग्निसंयोगादुद्रिक्तं दृश्यते यथा / महोदधिगतं तोयं स्वत उद्रिच्यते तथा
ukhāsthamagnisaṃyogādudriktaṃ dṛśyate yathā / mahodadhigataṃ toyaṃ svata udricyate tathā
जैसे उखास्थ अग्नि के संयोग से (पात्र का द्रव) उफनता हुआ दिखता है, वैसे ही महोदधि का जल भी अपने-आप उछलकर बढ़ता है।